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हुलाकी न्यूज, काठमाडौं १३ चैत । नयाँ शक्ति नेपालका संयोजक डा.बाबुराम भट्टराईलाई स्वतन्त्र मधेश गठबन्धनका संयोजक डा.सीके राउतले मधेशको सबालमा सात वटा प्रश्न गरेका छन् ।

शनिबार विहान डा.राउतले आफ्नो फेसबुक पेजमार्फत डा.भट्टराईलाई मधेश केन्द्रीत सात प्रश्न गरेका हुन् ।

डा.राउतले मधेशमा आन्दोलन गरिरहेका अन्य पक्षसँग पनि उक्त प्रश्नको जवाफ मागेका छन् । उनले मधेशमा नयाँ नयाँ पार्टी खोल्ने होडवाजी चलेकोप्रति लक्षित गर्दै प्रश्नहरु गरेका छन् ।

डा.राउतले डा.भट्टराईलाई गरेको पहिलो प्रश्न– के तपाईको नयाँ शक्तिले मधेशबाट नेपाली सेना फिर्ता गरेर मधेशी सेना निर्माण गर्न सक्छ ? होइन भने नेपाली शासक कुनै पनि बेला मधेशीको अधिकार खोसेर मधेशीहरुलाई कुल्चिने छ ।

दोस्रो प्रश्नमा के नयाँ शक्तिले मधेशमा भइरहेको आप्रवासनको समस्यालाई रोक्न सक्छ । होइन भने केही दशकमा मधेशमा मधेशीहरु अल्पमतमा पर्नेछ ।

तेस्रो प्रश्नमा के तपाईको नयाँ शक्तिले नागरिकता, सुरक्षा र विदेश नीति मधेशीको हातमा दिन सक्छ ? होइन भने लाखौं मधेशीले पाएका नागरिकता खारिज हुनेछ ।

चौथो प्रश्नमा के तपाईको नयाँ शक्तिले मधेशको जागिर वा रोजगार मधेशीलाई नै दिलाउन सक्छ ? होइन भने मधेशीमाथि सँधै पहाडीले जागिर गर्नेछ ।

पाँचौं प्रश्नमा के तपाईको नयाँ शक्तिले मधेशको श्रोत साधन, भन्सार, खानी र विदेशी अनुदानमाथि मधेशीको पूर्ण अधिकार दिलाउन सक्छ ? होइन भने मधेशमा पेट्रोल खानी निस्के पनि त्यसमाथि गैरमधेशीको कब्जा हुनेछ । जल–जंगल जमिन सबैमाथि उनीहरुको कब्जा हुनेछ ।

छैठौ प्रश्नमा के तपाईको नयाँ शक्तिले स्थानीय रुपमामधेशीलाई अधिकार दिलाउन सक्छ ? होइन भने पुनः अधिकार खोसिने छ । दिइएको अधिकार पनि गायब हुनेछ ?

सातौं प्रश्नमा के तपाईको नयाँ शक्तिले मधेशीको पहिचान र राष्ट्रियताको संकट हटाएर आत्मसम्मान दिलाउन सक्छ ? मधेशीलाई जति अधिकार दिएपनि मधेशीमाथि राष्ट्रियताको सवाल उठाइनेछ ।

डा.राउतको फेसबुकबाट

Naya_saktiनई शक्ति / नई पार्टी / नयाँ आंदोलन / पार्टी प्रवेश को जाँचने के लिए ७ प्रश्न:
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‍(१) क्या आपकी नई शक्ति, पार्टी या आंदोलन फिरंगी नेपाली सेना और पुलिस को मधेश से वापस करके मधेशी सेना बना सकता है ? नहीं तो, फिरंगी नेपाली सेना लगाकर सारे अधिकारों को नेपाली शासक पल भर में छीन सकते हैं, मधेशियों को अपने बूट के तले कूचल सकते हैं।

(२) क्या आपकी नई शक्ति, पार्टी या आंदोलन मधेश में पहाडियों द्वारा जमीन पर कब्जा करने और मधेश में बसने (आप्रवासन) का क्रम रोक सकता है ? नहीं तो, कुछ दशक के बाद मधेश में मधेशी ही नहीं मिलेंगे, पूरे पहाडी भर जाएँगे।

(३) क्या आपकी नई शक्ति, पार्टी या आंदोलन नागरिकता, सुरक्षा और विदेश नीति **मधेशियों** के हाथों में दे सकता है ? नहीं तो, पहाडी शासक ही निर्धारित करते रहेंगे कि किस मधेशी को नागरिकता देना है, किसका खारिज करना है ! और किसी दिन लाखों लाख मधेशियों को मिली हुई नागरिकता भी खारिज कर देंगे !

(४) क्या आपकी नई शक्ति, पार्टी या आंदोलन मधेश की नौकरियां मधेशबासी को ही मिलने की गारेन्टी कर सकता है ? नहीं तो, मधेश की सारी नौकरियां पहाडी ही लेते रहेंगे।

(५) क्या आपकी नई शक्ति, पार्टी या आंदोलन मधेश के साधन-स्रोत, भन्सार, खानी और वैदेशिक अनुदान पर मधेश का ही पूर्ण अधिकार कायम करवा सकता है ? नहीं तो, मधेश में पेट्रोल खानी निकलने पर भी उसपर पहाडियों का ही कब्जा रहेगा, जिस तरह से मधेश के जंगल, नदी, नाला सभी पहाडी शासक ही कब्जा में रखकर बेचते रहे।

(६) क्या आपकी नई शक्ति, पार्टी या आंदोलन मधेशियों को *स्थायी* रुप में अधिकार दिलवा सकता है ? दिया हुआ अधिकार पुन: नहीं छिनने की गैरेन्टी कर सकता है ? इससे पहले के आंदोलन द्वारा प्राप्त, इससे पहले के संविधान में दिया हुआ अधिकार भी आज गायब क्यों हो गया ?

(७) क्या आपकी नई शक्ति, पार्टी या आंदोलन मधेशियों की पहिचान और राष्ट्रियता का संकट दूर करके आजादी और आत्मसम्मान दिला सकता है ? नहीं तो सोने के पिँजडा दे देने पर भी आप गुलाम के गुलाम ही रहेंगे, दूसरे-तीसरे दर्जे के नागरिक ही रहेंगे! चाहे जितनी कोशिस कर लें, आपकी नेपाली राष्ट्रियता ऊपर सवाल उठाया ही जाएगा !

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आज कल कहीं पर ‘नई शक्ति’ का दौर चल रहा है तो कहीं पर नई पार्टी खोलने का होड। कहीं नयाँ आंदोलन के नाम पर जनता को फुसलाया जा रहा है तो कहीं पार्टी प्रवेश धडाधड कराके उसी में जनता को भूलाने की कोशिस । और आम जनता को भ्रम में डाला जा रहा है कि नई शक्ति, नई पार्टी, नयाँ आंदोलन या पार्टी प्रवेश से मधेशियों का कल्याण होगा, मधेशियों को मुक्ति मिल जाएगी ! नए भेष में आकर पुराने ठगों द्वारा पुन: ठगने की कोशिस की जा रही है!

चाहे कोई भी नई शक्ति हो या नई पार्टी, कोई नयाँ आंदोलन हो या पार्टी प्रवेश, आप सिर्फ ऊपर के ७ प्रश्न करें और देखें कि कौन नई शक्ति, पार्टी या आंदोलन यह आपको दिलवा सकता है। अगर दिलवा सकता है तो उसी में लगें, परंतु याद रखें आजादी के अलावा कोई और वह ७ अति आधारभूत और महत्वपूर्ण बातें पूरी कर ही नहीं सकती । बस आजादी ही एक मात्र मार्ग शेष है, जो आपको सारे अधिकार स्थायी रुप में दिला सकता है। इसलिए बाकी के भूलभूलैया में भूलकर स्वयं को धोखा न दें।

नेपाली उपनिवेश अंत हो, मधेश देश स्वतंत्र हो।

6 COMMENTS

  1. Yah bat madhesi morcha ke liye jo madhesi ko apna jagir samajhkar use karta hai unhi ko jawab deni chhahiye aur agar jawab nadiya to hamare madhesi bhaiyo Se anurodh hai ki in dalalo ki morcha Se dur rahe aur c.k.ji ka sath de mujhe lagta hai ki jo madheshi sahaddat huwehai morcha ke liye agar c.k.ji ke bicharokeliye hota to hum aajad hogayehote so explain those 7questions to all madheshi

  2. khabardar jo aab nepal me aandolan kerne k naam v liya to…aakhir dekha hi diya na aapna aaukad.kya karliya 6 mahina nepal band kar ke..?? ha 1 kam to kiya hai ..jisko kal ka karnadhar keheta hai unsabhi ko future se khelwar…………pahile
    madhesiyose hi suru karte hai…..1…kon hai madheshi.??? jo dhoti aaur kurte lagate hai oo..?? ya jo madeshme rahete haioo???2..koi hai jo apne seer utha ke bol sake ki haa mai madhesh aur madheshiyo ke liye ladraha hu.???thik hai manliya ki aap sab ne madhesh k liye lad rahe hai…to iske liye kitne dalo chahiye..???abhi party kholne ki hodbagi aayaa hai..do char milgaya ki party taiyari..bada aajib sa baat hai na..?yen ungintiyoo party se ham kya samajk sakte hai..??ye party madesh k liye lad rahe hai ki apne family settlement kerneme laga hai??? aapno me to baat milta nahi chale desh chalane…

    • Pahad me kitna party hai ye pata hai? Hum madhesi yuva ki future ke sath khilwad ho raha hai to aapko itni problem kyu, jab hum ko problem nahi hai. Aap ne puchh madhesi kaun to madhesh me rahne wala sabhi madheshi. Aap ne kaha madheshi madhesh nahi chala saka to desh kaise chalayega. Abhi tak to pahadi ne hi desh chalaya hai aur Kaisa chalaya hai ye sab ko pata hai. Desh ko barbad karne wale pahadi neta hi hai. Bhrastachar se le kar deshdrohi samjhauta karne wale pahadi neta hi hai madheshi nahi. Jo samne chal raha hai wo dikhayi nahi deta aur chale future batane…

  3. एउटा जातीको एक प्रान्त, त्यो जातीको आफ्नै सेना, त्यो ठाउको कर्मचारी पनि सबै त्यै जातीको अनि अन्तमा त्यो ठाउको राजा पनि चुन्ने भनेपछी यो डाक्तर (पशुको हो कि मान्छेको) चिन्नै गाह्रो भो। नत्र बाइसे चौबिसे राज्यमा फर्कने कुरा अग्रगामी हो कि पस्चगामी?

  4. कुनै एउटा जंगलमा सिंहहरुले उर्दी लाएछन ” अब यो जंगलमा हामी शिँह बाहेक अरु कोहि बस्न पाउदैन!” यो सुनेर खरायो लगाएत अरु प्राणी मरी मरी हासेछन। किन?

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