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हुलाकी न्यूज, काठमाडौं १८ पुस । संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेशी मोर्चा अनौपचारिक रुपमा विभाजित भएको देखिएको छ । संघीय समावादी फोरम नेपाल र सद्भावना पार्टीबीच मोर्चामा सुरु भएको विवादका कारण मोर्चा विभाजित भएको देखिन्छ ।

शनिबार सद्भावना पार्टी एक्लै विरोधका कार्यक्रमहरु घोषणा गरेको छ ।

काठमाडौंमा रहेको सद्भावना पार्टीको सम्पर्क कार्यालयमा आयोजित पत्रकार सम्मेलनमार्फत सद्भावनाले विरोधका कार्यक्रमहरु सर्वाजनिक गरेको छ ।

पत्रकार सम्मेलनमा पार्टीका महासचिव मनिष सुमनले मोर्चा विभाजित वा मोर्चामा कुनै विवाद नरहेको दाबी गरेका छन् । सुमनले भने,‘मोर्चा कुनै पार्टी होइन त्यो गठबन्धन हो त्यसलै मोर्चाभित्रका पार्टीहरुको फरक फरक कार्यक्रम आउनु स्वभाविक हो ।’

तीन पृष्ठ लामो अपिलसहित सद्भावनाले विरोधका कार्यक्रमहरु घोषणा गरेको हो ।

अपिल

प्यारे मधेशवासियों

जय मधेश
सर्वप्रथम मैं आप सबके प्रति, शुभचिंतकों राजनीतिक कार्यकर्ताओं व पार्टी के समर्पित नेता कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करता हूं । आप सबके द्वारा मेरे स्वास्थ के प्रति दिखाए गए स्नेह, सम्मान, सदभाव व समर्पण के लिए बहुत बहुत आभार प्रकट करता हूं । आप सबकी प्रार्थना व दुआ का ही असर है कि गम्भीर रूप से घायल होने के बावजूद मैं स्वस्थ हो रहा हूं और जल्द ही आन्दोलन में आपके बीच आकर सहभागी होने का प्रयास कर रहा हूं ।
पिछले चार महीने से अधिक समय से जारी मधेश आन्दोलन में आप सभी के योगदान की मैं सराहना करता हूं । आपके अथक प्रयास और अनवरत आन्दोलन की बदौलत ही मधेश आन्दोलन की कई घटनाएं इतिहास में दर्ज है । अपने अधिकार के लिए चल रहे संघर्ष में आपके अतुल्य योगदान का मैं उच्च सम्मान करता हूं ।
मित्रों, मधेश की अधिकार के लिए हम सभी संयुक्त लोकतांत्रिक मधेशी मोर्चा के आह्वान व निर्देशन पर आन्दोलन के विभिन्न कार्यक्रमों को करते आ रहे हैं । शान्तिपूर्ण आन्दोलन के दौरान राज्य प्रशासन के चरम दमन की पराकाष्ठा को हम सभी देख चुके हैं । अपने अधिकार की इस लडाई में पिछले चार महीने दौरान ५५ से अधिक सपूतों को खोया है । सैकडों हमारे भाई–बहन अपांग हुए हैं । हजारों अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं ।
अपने अधिकार के लिए हमारे भाई–बहन ने सीने में और सर में गोलियां खाई है । हमारी कई बहु बेटियों की मांग उजड गई । हमारे कई बच्चे अनाथ हो गए । कई बूढे मां बाप का सहारा छीन गया । लेकिन हमारा संघर्ष आज भी जारी है । सरकार का दमन जितना बढता गया अपनी मांग को लेकर हमारा संकल्प उतना ही दृढ होता गया ।
राज्य प्रशासन और तीन दल के तरफ आन्दोलन को विफल और बदनाम करने के लिए हर प्रकार का छल कपट प्रपंच रचा गया । लेकिन हर प्रकार के अवरोध और विरोध को झेलते हुए हम यहां तक पहुंचे है । इस पूरे आन्दोलन के दौरान हम सभी ने अबकी बार अन्तिम वार, अभी नहीं तो कभी नहीं, जैसे नारा लगाकर आन्दोलन को उंचाई पर पहुंचाया है । हमारे विरोधियों ने हमें थकाने की, गलाने की, गिराने की बहुत कोशिश की लेकिन हमने हर बार यह साबित कर दिया है कि मधेशी जनता ना तो थकने वाली है ना झुकने वाली है, ना रूकने वाली है । यह सही है कि आन्दोलन चार महीना से अधिक लम्बा चला है । सच्चाई यह भी है अधिकार का आन्दोलन कहीं महीनों और कहीं वर्षों चला है । इस बार हमारा संकल्प है “अभी नहीं तो कभी नहीं“ । अपना अधिकार लिए बिना हम इस बार रूकने वाले नहीं है । इस आन्दोलन के शहीद के सपने को पूरा करने लिए, आन्दोलन को निरन्तरता देने के लिए, गांव–गांव के जन–जन को जोडने के लिए, अपने अधिकार के लिए दबाब बनाने के लिए हम सभी को मिलकर कंधे से कंधा मिलाकर, कदम से कदम मिलाकर आगे बढना होगा । आईए मिलकर संकल्प करें जब तक अधिकार नहीं मिल जाता हमारा संघर्ष जारी रहेगा ।

ना थके हैं ना थकेंगे
ना रूके हैं ना रूकेंगे
चाहे कितनी भी देनी पडी कुर्बानियां
अपना अधिकार लेकर रहेंगे ।

संकलप का कार्यक्रम :
पुष १९ गते, रविवार
१. शहीदों की आत्मा की शान्ति के लिए मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारा, गिरिजाघर आदि धार्मिक स्थलों व सार्वजनिक स्थानों पर प्रार्थना सभा ।
पुष २० गते, सोमवार
२ दोपहर १२ बजे से १ बजे तक एक घंटे का मौन व्रत
पुष २१ गते, मंगलवार
३. आन्दोलन का विभिन्न नारा सहित भित्ता लेखन
पुष २२ गते, बुधवार
४. राज्य दमन के विरोध में मधेश आन्दोलन के समर्थन में प्रत्येक दिन साईकल, मोटरसाईकल, रिक्सा, ठेला, बैलगाडीें में अनिवार्य रूप से काला झंडा लगाकर प्रयोग करना
५. सरकार पर दबाब बनाने के लिए और मधेश आन्दोलन के समर्थन में रहे आन्दोलनकारी व आन्दोलन के समर्थकों को आज से प्रत्येक दिन दो ईंच का काला पट्टी बांये हाथ में बांधना
पुष २३ गते, बिहिवार
६. मधेश के प्रत्येक गांव–गांव, घर–घर, टोल, मुहल्ला, चौक चौराहा पर शहीदों की याद में आज से प्रत्येक दिन एक मोमबत्ती वा दिया जलाना
पुष २४ गते, शुक्रवार
७. मधेश में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति भारत सहित दुनियां भर में रहने वाले अपने अपने रिश्तेदार, नातेदार, दोस्त, प्रियजन को मधेश की अवस्था के बारे, सरकार द्वारा किए जा रहे दमन के बारे में, मधेश आन्दोलन के बारे में, अपनी मांग के बारे में, अपने संघर्ष के बारे में चिठ्ठी लिखना, एसएमएस, ईमेल, फेसबुक मैसेन्जर, वाट्स एप, भाईबर, वी चैट के जरिए जानकारी भेजना
पुष २५ गते, शनिवार
८. मधेश विरोधी संविधान में हस्ताक्षर करने वाले नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले, एमाओवादी, राप्रपा सहित के दलों के सांसदों को अपनी–अपनी पार्टी छोडकर आन्दोलन मे सहभागी होने के लिए दिनांक २०७२ पुष ८ गते मेरे द्धारा लिखा गया पत्र के समर्थन मे गांव–गांव मे जनता का हस्ताक्षर अभियान संकलन करना
पुष २६ गते, रविवार
९. सभी चौक चौराहा पर मधेश में हुए दमन के विरोध में सफेद कपडा में हस्ताक्षर अभियान चलाना
पुष २७ गते सोमवार
१० मधेश आन्दोलन के १५० वां दिन पर एक दिन का उपवास रखना
मधेश आन्दोलन में सक्रिय संयुक्त लोकतांत्रिक मधेशी मोर्चा और संघीय समावेशी मधेशी गठबन्धन के आन्दोलन के विभिन्न कार्यक्रमों को सहयोग, पूरा समर्थन और सहभागीता देते हुए मधेश आन्दोलन को और अधिक बल देने के लिए संकल्प का यह कार्यक्रम में प्रत्येक व्यक्ति को सहभागी बनने के लिए हार्दिक अपील करता हूं।

आपका

(राजेन्द्र महतो)
दिनांक : २०७२ पुष १६

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