
हुलाकी न्यूज, सिरहा (मिर्चौया) : जनमत पार्टीको पहिलो जनसभालाई अध्यक्ष डा.सीके राउतले सम्बोधन गरेका छन्।
सिरहाको मिर्चौयामा आयोजित जनसभालाई सम्बोधन गर्दै डा.राउतले आफ्नो राजनीतिक मार्गचित्र सार्वजनिक गरेका छन्।
सरकारसँग ११ बुँदे सहमति गरेपछि पहिलो पटक डा.राउतले सार्वजनिक रुपमा बोलेका हुन्।
१० महिनाको छलफल पश्चात ११ बुँदे सहमति भएको बताउँदै डा.राउतले आफूहरुको अपेक्षाभन्दा बढी काम भएको दाबी समेत गरे।
मिर्चौयाको सभामा डा.राउतले बोलेका कुराको मुख्यमुख्य अंश
* मधेश के नाम पर आज भी गोली चली तो उसे अपनी छाती पर लेने वाला सिके राउत ही है। आज भी मधेश के नाम पर गोली चलेगा, तो किसी नेता में वह औकात नहीं कि उसे अपने छाती पर लें, यह चुनौती है। हम स्वराजी तो अपना कफन अपने गले में साथ लेकर घूमते है, स्वराजी तो मातृभूमि के लिए हर वक्त जान देने को तैयार है। जेल जाने की बात क्या है?
* राजनीति हमारी पेशा नहीं है, शौक नहीं है, पारिवारिक विरासत नहीं है। हम सामाजिक जिम्मेबारी को बोध करते हुये राजनीति में रही गन्दगी को साफ करने के लिए खुद को हवन किये हैं।
* जब हमने ‘नो भोट’ अभियान चलाया, तभी जनता ने ही हमें कहा – आपकी पार्टी कहाँ है ? आपका चुनाव चिन्ह कहाँ है ? पहले पार्टी लेकर आइए, चुनाव चिन्ह लेकर आइए। तब हम जनमत देंगे, तभी समर्थन करेंगे। हम जनता के सेवक है, हमारे व्यक्तिगत जीद से कुछ नहीं होता। जनता जो चाहेगी, वही होगा। जनता ने कहा पार्टी बनाओ, तो पार्टी बनी।
* यह समझौता १-२ दिन में नहीं हुआ है। ‘नो भोट’ अभियान के बाद ही, जनआकांक्षाको कदर करते हुए, हमने पार्टी बनाने के लिए छलफल आज से १० महिने पहले ही शुरु किया था। दर्जनों बार हमने बैठक की। १० महिने से होमवर्क चला। तब जाकर यह विजय हासिल हुआ है, तब जाकर मधेशियों को ऐतिहासिक उपलब्धि हुई है।
* स्वराज आंदोलन ने हमें मंजिल की आखिरी पड़ाव तक पहुँचाया है। आगे के रास्ता नेपाल के संविधान के तहत ही होगा, मंजिल तक पहुँचाने के लिए वह काफी है।
* ‘स्वराज’ या ‘आजादी’ शब्द इतना छोटा नहीं, कि भूखण्ड पर अदृश्य लकीरें बना देने से यह मिल जाये। जब हर जनता, हर एक आदमी यह महसूस करे कि यह मेरा ही राज है, मेरा ही देश है, मेरा ही शासन है, वही सच्ची मायने में स्वराज है। और वह नेपाल के संविधान के तहत रहते हुये हासिल किया जाएगा। जनमत दें, सारे अधिकार लें।
* जनमत पार्टी का आधार-स्तम्भ: जन-संप्रभुता, लोकतंत्र, समानता और समाजवाद है।
* स्वराज आंदोलन में जो कार्यक्रम लाये गये थे, उसे जनमत पार्टी के रुपमें पूरा करना आसान है।
उसी के तहत जनमत पार्टी की सबसे प्रथम लक्ष्य है; मधेश में १० लाख रोजगारी सिर्जना करना, १० लाख लोगों को नौकरी लगाना। उसके लिए जो कुछ करना पडे, औद्योगिकरण, कृषि क्रान्ति, सूचना प्रविधि क्षेत्र में अग्रता, जो भी कुछ करना पडे – उसे किया जायेगा।
उसी तरह जनमत पार्टी ILO 169 की धारा के तहत भूमि पर मूलबासियों की अग्राधिकार को कायम करते हुये जनसांख्यिक चाप के असर को कम किया जायेगा।
उसी तरह मधेश के पर्यावरन को संरक्षण के लिए जो ‘नीम बृक्षारोपन’ का कार्यक्रम लाया गया था, उसको और आगे ले जाते हुए १ करोड वृक्षारोपन करते हुए, चुरिया संरक्षण की ओर ध्यान दिया जायेगा।



